मोहला में किसानों की हुंकार: मुआवजा, कर्ज़ माफी और धान खरीदी पर गरजा जनसैलाब

जिला मुख्यालय मोहला में जिले

भर के किसानों ने रैली निकालकर सरकार के विरोध में नारेबाजी किया। फसल क्षति पर मुआवजा एवं कर्ज़ा माफ किसानों की प्रमुख मांग रही हैं। बीते दिनों बेमौसम बारिश के प्रकोप से खेतों में खड़ी फसल एवं करपा भी बारिश में पूरी भीग कर जग गया है। जिले के गोटाटोला, मोहला, चौकी, भोजटोला, वासड़ी, कौड़ीकसा, विचारपुर, खड़गांव, भरीटोला, मानपुर, औंधी, सीतागांव के किसान, कार्यकर्ता पदाधिकारी उपस्थित रहे। जिले के किसान धान खरीदी केंद्र मोहला में पांच हजार से अधिक की संख्या में इकट्ठा हुए उसके बाद किसानों ने बारी-बारी से मंच को संबोधित किया एवं पूरी संख्या में रैली निकालकर जिला कार्यालय परिसर में ज्ञापन सौंप कर चर्चा किया। इस अवसर पर सुरजीत सिंह ठाकुर, अजय राजपूत, उदेराम साहू, पुना राम गुनेंद्र, मन्नू राणा, घसिया नाग, राजेंद्र जुरेशिया, राजकुमार ध्रुव, बालचंद कोरेटी, शेश्वरी धुर्वे, सुशीला भंडारी, अगनू कुमेटी, मीणा मांझी, अवध चुरेंद्र, राजेंद्र कुंभकार, गजराज ठाकुर, पुष्पा मंडावी, सईदा खान, साधना सिंह, लच्छू साबले, अभिमन्यु मिश्रा, ऋषि शास्त्री, विमल साहू, अब्दुल खलीक, ऋषभ ठाकुर, सागर सिन्हा,

 

सरकार को किसान के धान का एक-एक दाना खरीदना होगा

किसान सभा को संबोधित करते हुए विधायक इंद्रशाह मंडावी ने कहा कि भाजपा की सरकार को किसानों के एक-एक दाना धान को खरीदना पड़ेगा। उद्योगपतियों की भाजपा सरकार को किसानों के प्रति कोई चिंता नहीं है। पिछले 15 साल किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाला भाजपा सरकार फिर से यही दिन ला रहा है। जहां किसान डीएपी लेने के लिए भटक रहा है और व्यापारी मनमाने दाम में खाद की कालाबाजारी सरकार के संरक्षण में कर रही है। किसान विरोधी भाजपा सरकार किसी भी शर्त में किसानों के हक में कार्य नहीं कर रही है। विधायक मंडावी ने कहा कि धान खरीदी में ना किसानों को बारदाना मिल पाता है और ना ही समय पर टोकन कट पाता है जबकि कोचियों के धान धकाधक समिति में बेचवा दिया जाता है। किसानों के हक और अधिकार में मेरी लड़ाई मरते दम तक जारी है। मोहला-मानपुर क्षेत्र के किसान-जवान के समुचित विकास के लिए हमारी लड़ाई सड़क से सरकार तक लगातार जारी रहेगा। आज किसान परेशान है, टूटी बिल्डिंग, जर्जर सड़क, झोपड़ी में स्कूल, सड़कों में गौमाता यही विष्णु की सुशासन का पर्याय बन चुका है। आज हजारों की संख्या में किसान साथी अपने हक और अधिकार के लिए इकट्ठा हुए है इसके लिए मैं आपका दिल से आभार व्यक्त करता हूं।

 

प्राकृतिक मार से पीड़ित किसानों के लिए सरकार को बड़ा दिल दिखाने की जरूरत

जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता देवानंद कौशिक ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि जब से प्रदेश में भाजपा की सरकार आई है तब से किसानों के बुरे दिन शुरू हो गए है। किसानी के दिन शुरू हो जाता है पर सरकार किसानों को समय पर ना बीज दे पाती है न ही खाद दे पाती है। अब जब धान बेचने की बारी आई है तब भी सरकार धान खरीदने का व्यवस्था नहीं बना पा रहा है। धान के शुरू और आखिर के बीच में बेमौसम बारिश ने किसानों के मेहनत पर पानी फेर दिया है। जब सरकार से मुआवजा की मांग किया जा रहा है तो सरकार उस रकबा को कटवा कर किसानों के साथ अन्याय कर रही है। किसानों को धान बेचने के लिए भूख हड़ताल में बैठना पड़ता है। किसानों की ये स्थिति प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद से हुआ है। मोंथा तूफान के प्राकृतिक मार से पीड़ित किसानों के लिए सरकार को बड़ा दिल दिखाने की जरूरत है। किसानों की क्षति पूर्ति की मांग सरकार को पूरा करना होगा।

 

कर्ज़ा माफ सहित अन्य विभिन्न मांगों के हुए इकठ्ठा

किसानों के तरफ से सफल क्षति का आंकलन विभागीय अधिकारियों द्वारा त्वरित किया जाय। किसानों का कर्जा माफ हो। किसानों का धान यथास्थिति खरीदा जाए। समस्त वन पट्टाधारी तथा सीलिंग जमीन कृषकों का त्वरित अग्रेस्टेक पंजीयन हो। गोटाटोला एवं खड़गांव में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, बिजली बिल हॉफ योजना को पुनः शुरू किया जाए, जिले में अवैध शराब एवं नशा पर तत्काल रोक लगे, जिला मुख्यालय एवं क्षेत्र में जजर्र सड़कों को तत्काल ठीक कराया जाए जैसे उपर्युक्त मांगो को लेकर किसानों ने इकट्ठा प्रदर्शन किया।

 

रैली के बाद कलेक्टर को ही ज्ञापन सौंपने अड़े किसान

हजारों की संख्या में पहुंचे किसानों ने कलेक्टर पहुंचे जहां प्रशासन की तरफ से अनुविभागीय अधिकारी डॉक्टर हेमेंद्र भूआर्य ज्ञापन लेने पहुंचे थे किन्तु किसान कलेक्टर को ही ज्ञापन देने पर अड़े हुए थे। भारी नारेबाजी के बीच विधायक ने माइक पकड़ते हुए सारे विभागों को आड़े हाथों लेते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी जैसे समस्त मूलभूत समस्याओं के बंटाधार स्थिति पर जमकर बोला एवं मांग को पढ़कर सुनाया। कलेक्टर के नहीं आने पर भारी गहमा गहमी के बीच कलेक्टर हटाओ नारे के साथ एडीएम मरकाम को ज्ञापन सौंपा गया।

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